राजनीतिक

चुनावी मोड में BJP, MP की कमजोर 70 विधानसभा सीटों पर मंत्रियों की ड्यूटी, रणनीति का हिस्सा

भोपाल
मध्य प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव के लिए बीजेपी अभी से सक्रिय हो गई है। पार्टी ने साल 2026 में ही खुद की मजबूती और मैदानी रणनीती के लिए काम करना शुरु कर दिया है।दरअसल विधानसभा की सभी 230 सीटें जीतने का लक्ष्य तय करके भाजपा ने मिशन 2028 के लिए रणनीति बनाई है। इस रणनीति के तहत भाजपा कमजोर सीटों पर सबसे अधिक फोकस करने वाली है।  रणनीति के तहत करीब 70 सीटों को चिह्नित करके भाजपा ने जहां संगठनात्मक गतिविधियों को बढ़ा दिया है, वहीं यहां मंत्रियों को भी मैदान में उतारने की फैसला भाजपा ने कर लिया है।

कमजोर सीटों पर भाजपा को मजबूत करने की जिम्मेदारी मंत्रियों पर
जानकारी के मुताबिक पार्टी की रणनीति कमजोर सीटों पर भाजपा को मजबूत करने की है और इसके लिए मंत्रियों को जिम्मा सौंप दिया है। मंत्रियों को लगातार वहां पर रात बिताने के साथ ही बैठकें करने का निर्देश दिया गया है।साथ ही  हार के कारणों को तलाशने का भी जिम्मा सौंपा गया है। भाजपा इस काम में निकाय और त्रि स्तरीय पंचायती राज चुनावों से पहले ही जुट गई है।

इस काम के लिए भाजपा ने प्रदेश पदाधिकारियों, संभाग प्रभारी एवं जिला प्रभारियों को टाइम लाइन थमा दी गई है। जिसमें प्रदेश अध्यक्ष से लेकर बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं को जनता व कार्यकर्ताओं के साथ बैठकें करने की बात कही गई है।  पार्टी की  नई गाइडलाइन के तहत प्रदेशाध्यक्ष से लेकर दिग्गज नेताओं को महीने भर का शैड्यूल समझा दिया गया है।

बूथ स्तर पर पकड़ मजबूत करने के लिए पार्टी का लक्ष्य प्रत्येक बूथ पर 51 प्रतिशत वोट शेयर हासिल करना है। इसके लिए पन्ना प्रमुखों को सक्रिय कर घर-घर संपर्क अभियान चलाया जा रहा है। वहीं अल्पसंख्यक और जातिगत समीकरण को देखते हुए इन सीटों पर नजदीकी विधायकों को सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे पहुंचाने का निर्देश दिया गया है।भाजपा की नई रणनीति को लेकर पार्टी मुख्यालय में संभाग और जिला प्रभारियों की बैठक में टारगेट सेट किए गए हैं। लिहाजा इस लक्ष्य की प्राप्ति को हासिल करने के लिए सबको सामूहिक जिम्मेदारी और धरातल पर काम करने के लिए कहा गया है।

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