जबलपुरमध्य प्रदेश

जबलपुर हाईकोर्ट सख्त, आदेश की अवहेलना पर ACS समेत 3 वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ जमानती वारंट जारी

जबलपुर 

मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने अदालत के आदेश की अवहेलना और सुनवाई के दौरान गैरहाजिर रहने पर राज्य सरकार के तीन वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है। कोर्ट ने एडिशनल चीफ सेक्रेटरी (ACS), वित्त विभाग के प्रमुख सचिव और किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग के संचालक के खिलाफ 25-25 हजार रुपये के जमानती वारंट जारी किए हैं। जस्टिस विशाल मिश्रा की एकलपीठ ने सभी अधिकारियों को 15 जुलाई को अगली सुनवाई के दौरान व्यक्तिगत रूप से अदालत में उपस्थित होने और पूर्व आदेश के पालन की रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए हैं।

हाईकोर्ट ने जिन अधिकारियों के खिलाफ जमानती वारंट जारी किया है उनमें एडिशनल चीफ सेक्रेटरी (ACS) Manish Rastogi, वित्त विभाग के प्रमुख सचिव एम. सेलवेन्द्रम, किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग के संचालक Ajay Gupta शामिल हैं। अदालत ने संबंधित जिलों के पुलिस अधीक्षकों (SP) को वारंट तामील कराने की जिम्मेदारी सौंपी है।

क्या है पूरा मामला?
यह मामला कृषि विभाग, जबलपुर के पूर्व डिप्टी डायरेक्टर देवदत्त विश्वकर्मा से जुड़ा है। उन्होंने हाईकोर्ट में अवमानना याचिका दायर कर बताया कि 30 जून 2023 को सेवानिवृत्त होने के बाद उनसे करीब 2.10 लाख रुपये की रिकवरी की गई थी। इस मामले में हाईकोर्ट ने 8 मई 2024 को आदेश दिया था कि वसूली गई राशि 6 प्रतिशत वार्षिक ब्याज के साथ वापस की जाए। आरोप है कि कोर्ट के स्पष्ट आदेश के बावजूद संबंधित विभागों ने अब तक इसका पालन नहीं किया जिसके बाद अवमानना याचिका दाखिल की गई।

अधिकारियों की गैरहाजिरी पर नाराज हुआ कोर्ट
सुनवाई के दौरान तीनों वरिष्ठ अधिकारी अदालत में उपस्थित नहीं हुए। इसे गंभीरता से लेते हुए हाईकोर्ट ने उनके खिलाफ जमानती वारंट जारी करने का आदेश दिया। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता अंशुल तिवारी ने पक्ष रखा।

दो अन्य अधिकारियों को फोन कर बुलाया
सुनवाई के दौरान जबलपुर के कृषि विस्तार अधिकारी एस.के. निगम और संभागीय पेंशन अधिकारी नमिता भी अदालत में उपस्थित नहीं थीं। इस पर कोर्ट ने नाराजगी जताते हुए राज्य सरकार के वकील को दोनों अधिकारियों को तत्काल फोन कर अदालत में बुलाने के निर्देश दिए। हाईकोर्ट ने दोनों अधिकारियों से भी उनकी अनुपस्थिति को लेकर जवाब तलब किया है।

15 जुलाई को होगी अगली सुनवाई
हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया है कि सभी संबंधित अधिकारी 15 जुलाई को व्यक्तिगत रूप से अदालत में उपस्थित हों और यह भी बताएं कि पूर्व आदेश का पालन क्यों नहीं किया गया। अदालत ने संकेत दिए हैं कि यदि आदेशों की अनदेखी जारी रही तो आगे और सख्त कार्रवाई की जा सकती है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button