देश

अमरनाथ यात्रा 2026: 4,812 श्रद्धालुओं का तीसरा जत्था जम्मू से रवाना, सेना के कड़े सुरक्षा घेरे में शुरू हुआ सफर

जम्मू
जम्मू-कश्मीर में जम्मू यात्री निवास आधार शिविर से श्री अमरनाथ यात्रा के लिए 4812 तीर्थयात्रियों का तीसरा जत्था शनिवार को 'बम बम भोले' के जयकारों के बीच पवित्र गुफा मंदिर के लिए रवाना हुआ।अधिकारियों के अनुसार, 2041 तीर्थयात्री बालटाल के लिए रवाना हुए, जबकि2771 तीर्थयात्री बसों और निजी वाहनों के काफिले में पहलगाम मार्ग से यात्रा करने के लिए निकले। यात्रा का काफिला कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच रवाना हुआ।

जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने गुरुवार को आधार शिविर से तीर्थयात्रियों के पहले जत्थे को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था।

इस बीच जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने शुक्रवार को श्री अमरनाथ यात्रा के तीर्थयात्रियों के लिए एक महत्वपूर्ण परामर्श जारी किया। इसमें कहा गया है कि वार्षिक यात्रा के लिए पहले से पंजीकरण कराना अनिवार्य है, क्योंकि उच्चतम न्यायालय के निर्देशों के अनुसार इस रास्ते पर प्रतिदिन जाने वाले तीर्थयात्रियों की संख्या सीमित कर दी गयी है।

बाबा बर्फानी के अलौकिक दर्शन कर लौटे श्रद्धालु
उधर, वार्षिक श्री अमरनाथ यात्रा 2026 शुक्रवार को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच बालटाल और पहलगाम, दोनों मुख्य मार्गों से हर्षोल्लास के साथ शुरू हुई। बालटाल मार्ग से सुबह रवाना हुए पहले जत्थे के कई श्रद्धालु बाबा बर्फानी के अलौकिक दर्शन कर बेहद खुशी-खुशी लौट आए। पवित्र गुफा के दर्शन कर लौटे श्रद्धालुओं के चेहरों पर उत्साह और आस्था की अलग ही झलक दिखाई दी। उन्होंने कहा कि दिव्य दर्शनों से अद्भुत आनंद मिला है।

श्रद्धालुओं ने बताया कि इस वर्ष पवित्र गुफा में बाबा बर्फानी अपने पूर्ण आकार में विराजमान हैं। पहले दिन दर्शन करने वाले यात्रियों ने खुद को बहुत ही सौभाग्यशाली बताया। उनका कहना है कि उन्हें पहली आरती और प्रथम पूजा के दौरान बाबा बर्फानी के दिव्य स्वरूप के दर्शन का अवसर मिला। उनका कहना है कि यात्रा मार्ग पर मौसम ने थोड़ी परीक्षा जरूर ली लेकिन भोलेनाथ की भक्ति के आगे सारी मुश्किलें आसान हो गईं। उन्होंने कहा कि दर्शन कर जत्थे का हर सदस्य भगवान शिव के रंग में रंग गया।

पवित्र शिवलिंग के दर्शन कर अद्भुत आनंद मिला : पंकज
पहले जत्थे में शामिल श्रद्धालु पंकज सावंत ने बताया कि वे सुबह करीब पांच बजे दर्शन के लिए निकले। यात्रा के दौरान तेज बारिश और घने कोहरे के कारण चढ़ाई कठिन रही लेकिन बाबा भोलेनाथ की कृपा से सभी बाधाएं आसान लगने लगीं। उन्होंने बताया कि सुबह करीब नौ बजे जब वे पवित्र गुफा पहुंचे, तब वहां केवल सात-आठ श्रद्धालु ही मौजूद थे। भीड़ कम होने के कारण उन्हें पांच से दस मिनट तक शांतिपूर्वक पवित्र शिवलिंग के दर्शन और ध्यान का अवसर मिला। वहां का नजारा अद्भुत था, जिससे आत्मिक आनंद मिला।

 

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button