शादी से इनकार पर युवती का अपहरण: पुलिस ने घेराबंदी कर छुड़ाया, 3 आरोपी गिरफ्तार

अनूपपुर
इंस्टाग्राम के माध्यम से युवक और युवती की जान पहचान हुई। युवक शादी करने का दबाव बना रहा था लेकिन लड़की परिवार की मर्जी के बगैर विवाह नहीं करना चाह रही थी। इस बात से नाराज होकर युवक ने जबरन शादी करने का इरादा बनाया और लड़की के अपहरण की योजना बना डाली। दिनदहाड़े युवक ने लड़की को अपने दो दोस्तों की मदद से एक जीप के माध्यम से अगवा भी कर लिया लेकिन पुलिस के पीछा करने पर वह लड़की को छोड़कर भाग निकला। आरोपित फरार हो पाते, उससे पहले पुलिस ने मुख्य आरोपित सहित उसके दो साथियों और वारदात में इस्तेमाल की गई चार पहिया गाड़ी को भी जब्त कर लिया। यह मामला जैतहरी थाना क्षेत्र का है। शुक्रवार दोपहर को अपहरण की वारदात तीन आरोपितों द्वारा अंजाम दी गई थी।
आरोपितों की पहचान और पुलिस की कार्रवाई
जैतहरी पुलिस से मिली जानकारी अनुसार गिरफ्तार आरोपितों में मुख्य आरोपित, जिसकी लड़की से पहचान थी, उसका नाम जयप्रकाश पिता ललन राठौर (23 वर्ष) निवासी चोर भठी थाना जैतहरी है। इस वारदात में शामिल आरोपित के साथी शुभम पिता दुलारे राठौर (23 वर्ष) निवासी ग्राम बेला थाना अनूपपुर एवं सागर पिता संतोष पटेल (22 वर्ष) निवासी ग्राम मौहरी थाना कोतवाली शामिल हैं। सभी को गिरफ्तार कर लिया गया है। अपहरण जैसी वारदात में स्कार्पियो वाहन क्रमांक एमपी 65 जेडबी 4472 का उपयोग किया गया था, जिसे पुलिस ने जब्त कर अभिरक्षा में ले लिया है।
इंस्टाग्राम से पहचान और जबरन शादी का दबाव
थाना प्रभारी अमर वर्मा ने मामले के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि पीड़िता शहडोल में नर्सिंग की पढ़ाई करती है। 3 वर्ष पूर्व लड़की की पहचान इंस्टाग्राम आईडी के माध्यम से जयप्रकाश राठौर से हुई थी। फोन पर हुई बातचीत में जयप्रकाश ने उसे विवाह करने की बात कही लेकिन पीड़िता ने स्पष्ट कर दिया था कि वह केवल अपने माता-पिता की इच्छा के अनुसार ही विवाह करेगी। पीड़िता जब जैतहरी बड़े पापा के घर आकर रह रही थी, इसी दौरान आरोपित जयप्रकाश शुक्रवार दोपहर अपने दो साथियों के साथ जीप लेकर लड़की के घर के पास पहुंचा। लड़की अपनी सहेली के साथ घर के बाहर बैठी थी। पहचान न हो सके, इसलिए आरोपित चेहरा ढके हुए था और उसके द्वारा पीड़िता को जबरन गाड़ी में बैठाकर अपहरण कर भाग निकला।
पीछा करने पर पीड़िता को छोड़ भागे आरोपित
टी आई ने बताया कि मामले की सूचना मिलने पर तत्परता पूर्वक वाहन और आरोपितों का पीछा किया गया, जो कि गांव के अंदरूनी मार्ग से अनूपपुर की तरफ भाग रहे थे। पिपरिया गांव के पास मौका पाकर आरोपित पीड़िता को छोड़कर भाग निकले। गांव के लोगों की मदद से पीड़िता के परिजनों को सूचना दी गई, इसके बाद भाई और मामा पिपरिया पहुंच कर लड़की को सुरक्षित वापस ले गए। इसके बाद थाना जैतहरी में पीड़िता द्वारा रिपोर्ट दर्ज कराई गई। पुलिस अधीक्षक द्वारा मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेष टीम आरोपितों को पकड़ने के लिए बनाई। पुलिस की घेराबंदी के चलते आरोपित जिला क्षेत्र छोड़कर भाग निकलने में असफल रहे और शुक्रवार रात जैतहरी तथा अनूपपुर थाना क्षेत्र सीमा में पकड़ लिए गए। बताया गया कि आरोपित जयप्रकाश टेंट का काम करता है।
किराए की टैक्सी का उपयोग और न्यायिक हिरासत
जानकारी अनुसार जीप अनूपपुर के अल्ताफ की बताई गई जो गाड़ी को बुकिंग पर चलाता है। गाड़ी का टैक्सी परमिट भी है। जयप्रकाश के दोस्त ने गाड़ी मालिक को गलत जानकारी देकर किराए पर ली थी। शनिवार को गिरफ्तार आरोपितों को न्यायालय अनूपपुर में पेश किया गया जहां से रिमांड पर जिला जेल भेजा गया। इस कार्रवाई में निरीक्षक अमर वर्मा, उप निरीक्षक अमर लाल यादव, जे पी एच तिर्की, सहायक उप निरीक्षक विनोद विश्वकर्मा, प्रधान आरक्षक राजकुमार मार्को, संतोष जायसवाल, विजयानंद पांडे, श्याम शुक्ला, आरक्षक मनीष सिंह तोमर, विजय प्रताप सिंह शामिल रहे।