छत्तीसगढ़

बिलासपुर में जल जीवन मिशन की सुस्ती पर भड़के केंद्रीय मंत्री तोखन साहू, बिजली कटौती पर भी अधिकारियों को लगाई फटकार

बिलासपुर.

जनप्रतिनिधियों ने लगातार बिजली कटौती और ट्रांसफार्मर क्षमता की समस्या उठाई, जिस पर केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू ने स्थायी समाधान तैयार करने को कहा. जल जीवन मिशन की सुस्ती और आत्मा योजना की निष्क्रियता पर नाराजगी जताते हुए उन्होंने योजनाओं को समयबद्ध और प्रभावी ढंग से लागू करने पर जोर दिया.

कलेक्टोरेट के सभागार मंथन में हुई जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक सिर्फ विभागीय समीक्षा तक सीमित नहीं रही, बल्कि यह जिले की बुनियादी समस्याओं पर खुली चर्चा का मंच बन गई. केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू ने बिजली, पेयजल, शिक्षा और कृषि से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया. बैठक में सबसे ज्यादा चिंता बिजली व्यवस्था को लेकर सामने आई. कई जनप्रतिनिधियों ने कहा कि वर्षों बाद इस बार आम लोगों से लेकर उद्योग और व्यवसाय तक बिजली संकट से प्रभावित हुए. मंत्री ने बिजली विभाग को निर्देश दिए कि आगे ऐसी स्थिति न बने, जहां ट्रांसफार्मर क्षमता कम होने से समस्या आ रही है, वहां क्षमता बढ़ाने और स्वीकृत कार्यों को तेजी से पूरा करने के निर्देश भी दिए गए.

इसके बाद जल जीवन मिशन की समीक्षा के दौरान भी मंत्री ने कहा कि पिछले कई वर्षों से कार्यों की रफ्तार वहीं की वहीं रूकी हुई है. जिससे केंद्र की सबसे महत्वपूर्ण योजनाओं में शामिल इस मिशन का लक्ष्य प्रभावित हो रहा है. अधिकारियों को निर्धारित लक्ष्य हासिल करने के निर्देश दिए गए. कृषि विभाग की समीक्षा में सामने आया कि आत्मा योजना के तहत लंबे समय से बैठक नहीं हुई. इस पर मंत्री ने नियमित बैठकें आयोजित करने और किसानों के बीच जैविक खेती, उन्नत तकनीक तथा योजनाओं के व्यापक प्रचार-प्रसार के निर्देश दिए. बैठक में मनरेगा, प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना, ग्रामीण आवास, स्मार्ट सिटी, जल संरक्षण, महिला एवं बाल विकास, स्वास्थ्य, कौशल विकास और अन्य विभागों की योजनाओं की भी समीक्षा की गई.

अपोलो में सरकारी योजनाएं क्यों लागू नहीं?
केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू ने स्वास्थ्य सुविधाओं की समीक्षा के दौरान सीएमएचओ से कहा कि जिले में बेहतर इलाज उपलब्ध कराने के निर्देश दिए. इस दौरान उन्होने कहा कि अपोलो अस्पताल के लिए सरकारी जमीन मात्र एक रुपये प्रति वर्गफीट की दर से उपलब्ध कराई गई थी. इसके बावजूद अस्पताल में शासकीय स्वास्थ्य योजनाओं का समुचित लाभ स्थानीय लोगों को नहीं मिल रहा है. उन्होंने सीएमएचओ को निर्देश दिए कि स्वास्थ्य सेवाओं की नियमित निगरानी की जाए.

शिक्षा की बुनियाद मजबूत करने की जरूरत
शिक्षा व्यवस्था को लेकर भी मंत्री ने चिंता जताई. उन्होंने जिला शिक्षा अधिकारी से कहा कि प्राथमिक कक्षाओं से ही शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के जरूरत है. उनका कहना था कि यदि शुरुआती शिक्षा मजबूत नहीं होगी तो विद्यार्थियों का भविष्य भी प्रभावित होगा. उन्होंने प्राचार्यों और पालकों के साथ नियमित संवाद बढ़ाने के निर्देश दिए. वहीं शिक्षा विभाग को प्राथमिक कक्षाओं से गुणवत्ता सुधारने को कहा.

सड़कों से मवेशी हटाने बनेगी रणनीति
दिशा बैठक में सड़कों पर घूमने वाले मवेशियों की समस्या भी उठी. केंद्रीय राज्य मंत्री श्री साहू ने जनपद पंचायत के सीईओ और सरपंचों को समन्वय बनाकर अभियान चलाने के निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि पशुपालकों को जागरूक करने, आवश्यक दिशा-निर्देश देने और जरूरत पड़ने पर कार्रवाई करने की जिम्मेदारी स्थानीय स्तर पर तय की जाए, ताकि सड़कों से मवेशियों को हटाकर दुर्घटनाओं पर रोक लगाई जा सके.

ये रहे बैठक में उपस्थित
जिला कार्यालय के मंथन सभाकक्ष में आयोजित बैठक में विधायक धरमलाल कौशिक, सुशांत शुक्ला, अटल श्रीवास्तव, दिलीप लहरिया, जिला पंचायत अध्यक्ष राजेश सूर्यवंशी, महापौर पूजा विधानी, सहित जनपद पंचायत, नगर पालिका एवं नगर पंचायतों के अध्यक्ष उपस्थित थे. कलेक्टर संजय अग्रवाल और एसएसपी रजनेश सिंह ने उपस्थित अतिथियों का स्वागत किया.

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