खेल

Arjun Tendulkar पर लगी बंपर बोली, बेस प्राइस से 400% ज्यादा में खरीदे गए

नई दिल्ली  
सचिन तेंदुलकर के बेटे अर्जुन तेंदुलकर को टी20 मुंबई लीग की नीलामी में बंपर पैसे मिले हैं। इस लीग के लिए शनिवार को मैक्सिमम सिटी में खिलाड़ियों पर बोली लगी। जहां पर सचिन के बेटे अर्जुन को खरीदने के लिए फ्रेंचाइजी के बीच जमकर टक्कर हुई। अर्जुन तेंदुलकर इस समय आईपीएल में खेल रहे हैं। वह आईपीएल 2026 में लखनऊ सुपर जायंट्स का हिस्सा हैं लेकिन अभी तक उन्हें एक भी मैच में खेलने का मौका नहीं मिला है। अर्जुन पर टी20 मुंबई लीग की नीलामी के दौरान सबसे बड़ी बोली में से एक लगी। स्टार ऑलराउंडर पहली बार इस लीग का हिस्सा होंगे और मोटी रकम भी उठाएंगे।

अर्जुन को मिलेंगे 10 लाख
अर्जुन तेंदुलकर को एआरसीएस अंधेरी टीम ने अपने स्क्वॉड में शामिल किया। टी20 मुंबई लीग की नीलामी में अर्जुन का बेस प्राइस 2 लाख रुपये था। उनकी कीमत में जोरदार इजाफा और 400% की बढ़ोतरी के साथ उन्हें टीम ने खरीदा। अर्जुन 10 लाख रुपये में बिके। अर्जुन तेंदुलकर के साथ इस लीग में शिवम दुबे भी नजर आएंगे। आईपीएल 2026 में चेन्नई सुपर किंग्स के लिए खेल रहे शिवम को अंधेरी की फ्रेंचाइजी ने आगामी सीजन के लिए 20 लाख रुपये में खरीदा। शिवम दुबे टी20 विश्व कप 2024 और 2026 में ट्रॉफी जीतन में वाली टीम का हिस्सा रहे हैं। अंधेरी की टीम ने मुशीर खान को 11 लाख रुपये में खरीदा।

इससे पहले अर्जुन तेंदुलकर और विकेटकीपर-बल्लेबाज सिद्धांत अधतराव को टी20 मुंबई लीग के चौथे सत्र से पहले होने वाली नीलामी में शामिल होने के लिए पात्र घोषित किया गया है। पिछले सत्र में ये दोनों अलग-अलग राज्य संघों का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। जहां अर्जुन मुंबई से जाने के बाद पिछले कुछ सत्र से गोवा के लिए खेल रहे हैं वहीं अधतराव ने पिछले सत्र में पुडुचेरी का प्रतिनिधित्व करने के बाद वहां से अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) प्राप्त कर लिया है। सूत्रों के अनुसार बीसीसीआई ने तेंदुलकर और अधतराव दोनों को टी20 मुंबई लीग में भाग लेने की अनुमति दे दी है क्योंकि पिछले 12 महीनों में इन दोनों में से किसी ने भी किसी अन्य राज्य लीग में हिस्सा नहीं लिया है।

पुरुष और महिला दोनों ही वर्गों की प्रतियोगिताओं के लिए नीलामी दो मई को आयोजित की जाएगी जबकि टूर्नामेंट जून के पहले पखवाड़े में खेला जाएगा। टी20 टूर्नामेंट आयोजित करने वाले राज्य संघों के लिए बीसीसीआई के दिशानिर्देशों के अनुसार, ''खिलाड़ियों का ध्यान केंद्रित रखने और उन पर अत्यधिक शारीरिक दबाव पड़ने से रोकने के लिए प्रत्येक खिलाड़ी को 12 महीने की अवधि के दौरान (इंडियन प्रीमियर लीग को छोड़कर) केवल एक ही आधिकारिक रूप से मान्यता प्राप्त क्रिकेट लीग में भाग लेने की अनुमति होती है। यह 12 महीने की अवधि उस टूर्नामेंट के समापन से शुरू होती है जिसमें खिलाड़ी ने आखिरी बार हिस्सा लिया था।''

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