भोपालमध्य प्रदेश

MP कैबिनेट का बड़ा फैसला: अनुसूचित जनजाति छात्रों को छात्रगृह योजना में ₹10,000, उज्जैन में एयरबस संचालन

भोपाल
 मुख्यमंत्री डॉ मोहन
यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई मंत्री परिषद की बैठक में कई बड़े फैसले लिए गए। जन कल्याणकारी योजनाओं और विकास कार्यों के लिए 16,720 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई। वित्तीय प्रशिक्षण एवं शोध संस्थान (FTRI) की स्थापना की स्वीकृति दी गई।

वाणिज्यिक कर विभाग की 8 योजनाओं के लिए 2030-2031 तक 2,952 करोड़ रुपये का अनुमोदन किया गया है। इसके अलावा चना एवं मसूर फसल के आगामी तीन वर्षों में उपार्जन के लिए 3,174 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है।

पीएम श्री विद्यालय योजना के लिए 940 करोड़
मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में वन क्षेत्रों में पुनरुत्पादन, पुनर्स्थापना एवं संरक्षण के लिए 5,215 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई है। आरटीई (शिक्षा का अधिकार) के तहत अशासकीय विद्यालयों को ट्यूशन फीस की प्रतिपूर्ति के लिए 3039 करोड़ रुपये की स्वीकृति की गई है। पीएम श्री विद्यालय योजना के लिए 940 करोड़ रुपये दिए जाएंगे।

छात्रगृह योजना में प्रतिमाह 10 हजार रुपये
इसके अलावा, कक्षा 9वीं से 12वीं तक अध्ययनरत छात्र-छात्राओं को निःशुल्क पुस्तकें प्रदान करने के लिए 693 करोड़ की स्वीकृति दी गई है। अनुसूचित जाति वर्ग के विद्यार्थियों को छात्रगृह योजना में प्रतिमाह 10 हजार रुपये प्रदान किए जाएंगे।

योजनांतर्गत प्रति वर्ष 100 नवीन विद्यार्थियों एवं पूर्व से अध्ययनरत विद्यार्थी लाभांवित होंगे। इसमें 50 नवीन स्नातक, 50 नवीन स्नातकोत्तर और 50 पूर्व से अध्ययनरत विद्यार्थियों के लिए एक वर्ष के मान से 1.80 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं।

उज्जैन में भूमि अधिग्रहण के लिए 590 करोड़
उज्जैन में शासकीय हवाई पट्टी में एयरबस विमानों के संचालन के लिए भूमि अधिग्रहण के लिए 590 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। उल्लेखनीय है कि उज्जैन देश-विदेश में धार्मिक एवं पर्यटन की दृष्टि से अत्यधिक महत्वपूर्ण है, जहां 12 ज्योर्तिलिंगों में से एक ज्योर्तिलिंग महाकालेश्वर एवं सांदिपनी आश्रम स्थित है तथा सिंहस्थ महाकुंभ का आयोजन भी होता है, जिससे यहां पर काफी अधिक संख्या में श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों को दूरस्थ क्षेत्रों से आवागमन होता रहता है।

विक्रम उ‌द्योगपुरी एवं अन्य औ‌द्योगिक क्षेत्रों के कारण औ‌द्योगिक गतिविधियों में तेजी से वृ‌द्धि हो रही है। इसके अतिरिक्त उज्जैन कृषि एवं सेवा क्षेत्र की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण एवं विकासशील नगर है। इसलिए उज्जैन में हवाईपट्टी का उन्नयन/विस्तार आवश्यक है।

मंदसौर की कातना सूक्ष्म सिंचाई परियोजना के लिए 88.41 करोड़
मंदसौर जिले की कातना सूक्ष्म सिंचाई परियोजना के लिए 88.41 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है। इस परियोजना से मंदसौर जिले की भानपुरा तहसील के 12 ग्रामों में 3500 हेक्टेयर में सिंचाई सुविधा का लाभ होगा।

मंत्रि परिषद द्वारा निर्णय लिया गया कि वित्तीय प्रशासन एवं प्रबंधन से संबंधित सभी स्तरों के कार्मिकों को केंद्रीकृत एवं मानकीकृत प्रशिक्षण प्रदान करने हेतु वित्तीय प्रशिक्षण एवं शोध संस्थान (FTRI) की स्थापना आरसीवीपी नरोन्हा प्रशासनिक एवं प्रबंधन अकादमी, भोपाल के परिसर में की जाएगी।

संस्थान का उद्देश्य वित्तीय प्रशासन एवं प्रबंधन से संबंधित सभी स्तरों के कार्मिकों को केंद्रीकृत एवं मानकीकृत प्रशिक्षण प्रदान करना होगा, जिससे विभागीय कार्यकुशलता, वित्तीय अनुशासन तथा पारदर्शिता में गुणात्मक सुधार सुनिश्चित किया जा सके।

प्रदेश में वर्तमान में संचालित सात लेखा प्रशिक्षण शालाओं का चरणबद्ध एकीकरण कर राज्य स्तरीय एकीकृत प्रशिक्षण व्यवस्था स्थापित की जायेगी। संस्थान हेतु पद सृजन पर राज्य शासन पर कोई अतिरिक्त वित्तीय भार नहीं होगा। तीन वर्षों 2026-27, 2027-28, 2028-29 में स्थापना और संचालन के लिए वित्तीय लागत 26 करोड़ रुपये आएगी।

राजस्व व्यय संबंधी 8 योजनाओं के लिए 2951.86 करोड़
वाणिज्यिक कर विभाग के अंतर्गत राजस्व व्यय संबंधी संचालित 8 योजनाओं के लिए 2030-2031 तक निरन्तरता और 2951.86 करोड़ रुपये का अनुमोदन दिया गया है। इसमें मप्र नगरीय अधोसंरचना विकास निधि का वर्ष 2026-2027 से 2030-2031 तक निरन्तरता और 1317.62 करोड़ रुपये का अनुमोदन किया गया है।

सूचना प्रौद्योगिकी संबंधी कार्य, विभागीय परिसंपत्तियों का संधारण, आबकारी सामग्री की खरीद, विभागीय दुकानों का संचालन एवं कार्यालय भवनों के निर्माण से संबंधित कार्यों के लिए वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक 120.98 करोड़ रुपये का अनुमोदन किया गया। स्टाम्पों की लागत के लिए व्यय राशि रुपये 806 करोड़ रुपये तथा मुख्यालय स्थापना व्यय एवं जिला कार्यपालिका स्थापना के लिए 1428 करोड़ रुपये का अनुमोदन दिया गया।

मंत्री परिषद द्वारा केंद्र सरकार द्वारा स्वीकृत कार्य योजनाओं के प्रावधानों के अनुसार वन क्षेत्रो में पुनरुत्पादन, पुनर्स्थापना एवं संरक्षण कार्यवृत्तों में उपचार कार्य के लिए 1 अप्रैल, 2026 से 31 मार्च, 2031 तक कुल 5 वर्षों के लिए 5215 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है। इसके अंतर्गत प्रथम वर्ष उपचार कार्यों के साथ-साथ विगत वर्षों में कराए गए कार्यों का रखरखाव भी सम्मिलित है।

अशासकीय विद्यालयों को ट्यूशन फीस की प्रतिपूर्ति के लिए 3039 करोड़
आरटीई (शिक्षा का अधिकार) के तहत अशासकीय विद्यालयों को ट्यूशन फीस की प्रतिपूर्ति के लिए 3039 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है। शिक्षा का अधिकार अधिनियम अनुसार गैर अनुदान प्राप्त अशासकीय स्कूलों में कक्षा 1 से 8 तक के बच्चों को निःशुल्क और अनिवार्य प्राथमिक शिक्षा उपलब्ध कराने के एवज में फीस प्रतिपूर्ति योजना अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2026-27 से वित्तीय वर्ष 2030-31 तक 3039 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई है।

 

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button